नई दिल्ली: देशभर में पड़ रही भीषण गर्मी अब लोगों की सेहत पर भी असर डालने लगी है। तेज धूप, गर्म हवाएं और बढ़ता तापमान लोगों को पेट से जुड़ी समस्याओं का शिकार बना रहा है। खासतौर पर वायरल गैस्ट्रोएंटेराइटिस और गट इंफेक्शन के मामलों में तेजी देखी जा रही है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि हर पेट के इंफेक्शन में एंटीबायोटिक लेना सही नहीं होता और इससे फायदा होने के बजाय नुकसान भी हो सकता है।
डायटीशियन श्वेता शाह पंचाल ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए लोगों को चेतावनी देते हुए कहा कि गर्मियों में दूषित खाना, खराब पानी और डिहाइड्रेशन की वजह से आंतों की सुरक्षा कमजोर हो जाती है। ऐसे में वायरल इंफेक्शन तेजी से फैलते हैं। बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक इसकी चपेट में आ सकते हैं।
हर इंफेक्शन बैक्टीरियल नहीं होता
विशेषज्ञों के मुताबिक, गर्मी में होने वाले ज्यादातर पेट के इंफेक्शन वायरल होते हैं, जबकि लोग बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक लेना शुरू कर देते हैं। इससे शरीर के अच्छे बैक्टीरिया भी प्रभावित होते हैं और गट बैलेंस बिगड़ सकता है। यही वजह है कि रिकवरी में ज्यादा समय लगने लगता है।
डॉक्टरों का कहना है कि बिना मेडिकल सलाह के एंटीबायोटिक लेना खतरनाक साबित हो सकता है। पेट के वायरल इंफेक्शन में शरीर को हाइड्रेट रखना और गट हेल्थ सुधारना ज्यादा जरूरी होता है।
गर्मी में क्यों कमजोर हो जाती हैं आंतें?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं कि गर्मी के मौसम में खाना जल्दी खराब होने लगता है। साथ ही शरीर में पानी की कमी होने से गट लाइनिंग डिहाइड्रेट हो जाती है, जिससे आंतों की प्राकृतिक सुरक्षा कमजोर पड़ जाती है। यही कारण है कि गर्मियों में स्ट्रीट फूड, कटे फल, बासी खाना और असुरक्षित पानी से संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।
गट हेल्थ सुधारने के आसान घरेलू उपाय
विशेषज्ञों ने गर्मी में पेट को स्वस्थ रखने के लिए कुछ आसान घरेलू उपाय बताए हैं।
नींबू पानी शरीर को दोबारा हाइड्रेट करने और इलेक्ट्रोलाइट्स संतुलित रखने में मदद करता है। इसके लिए एक गिलास पानी में आधा नींबू, थोड़ा गुड़ या खांड और चुटकीभर काला नमक मिलाकर धीरे-धीरे पीने की सलाह दी गई है।
चावल की कांजी भी पेट के लिए फायदेमंद मानी गई है। यह आंतों को आराम देने के साथ डायरिया की समस्या कम करने में मदद करती है। इसके लिए चावल को ज्यादा पानी में पकाकर उसका माड़ नमक के साथ पीया जा सकता है।
बेल का शरबत भी गर्मियों में बेहद लाभकारी माना गया है। यह शरीर की गर्मी कम करने और गट हेल्थ सुधारने में मदद करता है। वहीं नारियल पानी शरीर में पोटैशियम, सोडियम और मैग्नीशियम की कमी पूरी करता है।
इन बातों का रखें खास ध्यान
डॉक्टरों ने लोगों को गर्मियों में उबला या फिल्टर किया हुआ पानी पीने, बासी भोजन से बचने और फल-सब्जियों को अच्छी तरह धोकर खाने की सलाह दी है। इसके अलावा खाने में विटामिन-सी वाली चीजें शामिल करने पर भी जोर दिया गया है।
कब तुरंत डॉक्टर से करें संपर्क?
यदि डायरिया 48 से 72 घंटे तक लगातार बना रहे, तेज बुखार आए, मल में खून दिखाई दे, चक्कर या कमजोरी महसूस हो या शरीर में डिहाइड्रेशन के लक्षण दिखें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
विशेषज्ञों का कहना है कि समय रहते सावधानी बरतकर और शरीर को हाइड्रेट रखकर गर्मियों में होने वाले ज्यादातर पेट के संक्रमण से बचा जा सकता है।
